“संग तुम्हारे काॅफ़ी पीने की आरज़ू लिये बैठे है हम”

संग तुम्हारे काॅफ़ी पीने की आरज़ू लिये बैठे है हम
और तुम हो कि हरबार बहाना बनाके टाल देती हो

कब तक टालती रहोगी, यूँ खुद को और मुझको
कभी तो आईने में देखो, खुद में पाओगी मुझको

जो खुद में मुझको ना पाओ, तो फिर कहना
तुम्हें सब पता है इस दिल का आलम, है ना ?

रिश्तों को नाम देकर, उन्हें बदनाम क्यों करना
कुछ रिश्ते नाम के मोहताज़ नहीं होते

एहसास को सिर्फ महसूस किया जा सकता है
इसको जताने का माद्दा किसी अल्फ़ाज़ में नहीं

गर सुबह का ख़्वाब सच होता है तो वो ख़्वाब तुम हो
गर दिल की आवाज़ सुन रही हो तो वो आवाज़ तुम हो

संग तुम्हारे जीने की अब आरज़ू लिये बैठे है हम
और तुम हो कि हरबार वादा करके भूल जाती हो

कब तक भूलती रहोगी, यूँ खुद को और मुझको
कभी तो दिल से देखो, पाओगी हरजगह मुझको

“Faded पुरानी Jeans की तरह होती हैं यादें”

किसी Faded सी पुरानी Jeans की तरह होती हैं यादें
वक़्त के Rear Mirror में खुद को देखकर रोती हैं यादें।

दिनभर सोचते-सोचते, ख़याली Work out से चूर होकर
ख़्वाबों के आगोश में सुकूनभरी Sleep सोती हैं यादें।

Pain की बरसती Rain में, धीरे-धीरे Dissolve होना है
पलकों के साथ Sometimes Soul भी भिगोती हैं यादें।

खोना और पाना, Lifetime यही Cycle चलता रहता है
Tiny-Tiny आँखों में Triple XL सपने संजोती हैं यादें।

I have never understood, किस तलाश में हूँ यहाँ मैं
Real में कहूं तो समंदर के जितना Deep डुबोती हैं यादें।

Life की यह Philosophy, लगे जो किसी Race की Trophy
कुछ पाने की खातिर Always बहुत कुछ खोती हैं यादें।

Flashback में जाकर जो, गुज़रा हुआ कल दिखाये
दिल की Film के उस Scene की तरह होती हैं यादें।।

@RockShayar⁠⁠⁠⁠

“दोस्ती” (Unforgettable Day…2nd August 2015)

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दोस्ती का दिन कोई, न कोई वार होता है
दोस्तों के साथ तो, हर वार ही शनिवार होता है।

चाहे माइंड की मिस्ट्री हो, या हसरतों की हिस्ट्री
दोस्तों के दरमियाँ होती हैं, कमाल की कैमिस्ट्री।

सेटिंग चाहे मोबाइल की हो, या फिर दिल की
दोस्तों ने तो इन पर, पूरी पीएचडी हासिल की।

हुस्न देखकर ये फँस जाते हैं, रोज उसकी गली तक जाते हैं
दोस्ती के बिना दोस्तों, ये ज़िंदगी के सफ़र में भटक जाते हैं।

यारों दा ठिकाना कोई, न कोई घरबार होता हैं
यारों के साथ तो, हर लम्हा ही यादगार होता हैं।

मुसीबत हो या मोहब्बत, या हो कोई फड्डा
हर थड़ी पे होता हैं, साड्डे यारों दा अड्डा।

घरवाले जब इन्हें डाँटते हैं, बुरा नहीं ये मानते हैं
दोस्त लोग तो हमेशा, दोस्तों में खुशियाँ बाँटते हैं।

ज़िंदगी ने एक रोज जब, मुझसे मेरी खुशियों का राज़ पूछ लिया
मुस्कुराकर मैंने भी, अपने दिल के काग़ज़ पर दोस्ती लिख दिया।।

rockshayar.wordpress.com

“FacebookWali”

न उसने कुछ कहा कभी, न मैंने कुछ सुना कभी
बस, एक दूसरे की पिक्स लाइक करते रहते हैं

न मैं जानता हूँ कि वो मुझे पसंद करती है या नहीं
और न उसे ख़बर है मुझ में पल रहे इस प्यार की

इस एहसास को बस हम दोनों ही समझ सकते हैं
मन के अल्फ़ाज़ को बस हम दोनों ही पढ़ सकते हैं
साथ नहीं हैं हर वक़्त, फिर भी हम साथ रहते हैं
वो नदी और मैं पवन, हर पल यूँही साथ बहते हैं

खुद से ज्यादा उसकी प्रोफाइल अच्छी लगती है
दिल चुराने की अदा वो स्टाइल अच्छी लगती है

कमेंट नहीं करते आँखों ही आँखों में बात करते है
ख़्वाबों के जहाँ में एक दूसरे से मुलाक़ात करते हैं

चेहरों की किताब में एक चेहरा सबसे अलग है
रातों की नींद और दिल के सुकून का जो ठग है

न मैंने कुछ कहा कभी, न उसने कुछ सुना कभी
आज भी बस एक दूसरे की पोस्ट पढ़ते रहते हैं ।

For my bestest buddy n his passion…

दिल दा ऐ गिटार, सीणे विच छुपा के रख्या तू
इश्क़ा दी धुन कोई, फिर से गुनगुना वे बंदया तू

मन दी स्ट्रिंग्स जे सब, हो गयी वे ढ़ीली ढ़ाली
दर्द दे विंग्स ते नाळ, खो गयी ऐ ज़िंदङी साली

कदे तो तू बेवजह ही, खुशी दा कोई गीत बजा
मिट्टी दे घरौंदे विच, रुह दा कोई संगीत सजा

ख़यालां दे सब काॅर्ड, अक्खा विच क्लिक कर ले
ख़ाहिशां दी गड्डी फोर्ड, हत्था विच पिक कर ले

मनमौज़ी मितरा तू, मन दी कोई स्ट्रमिंग सीख ले
दिल दी गल्ला सुण के, यादां दी ट्यूनिंग सीख ले

फ्रेट ते नाळ फिंगर दी, यारी इन्नी चंगी हो
के भूलकर सारे ग़म, धुन ही साथी संगी हो

यार साड्डे जे सुण ले, ख़्वाब नए अब तू बुण ले
खुद नु पहचाण कर वे, दिल दी अपणी तू सुण ले

दिल दा ऐ गिटार, सीणे विच छुपा के रख्या तू
यारां दी गल कोई, फिर से गुनगुना वे बंदया तू ।।

‪#‎RockShayar‬

दिल का ये गिटार, सीने में छुपा के रखे है तू
इश्क़ की धुन कोई, फिर से गुनगुना रे बंदे तू

मन की स्ट्रिंग्स ये सब, हो गयी हैं ढ़ीली ढ़ाली
दर्द के विंग्स के साथ, खो गयी है ज़िंदगी साली

कभी तो तू बेवजह ही, खुशी का कोई गीत बजा
मिट्टी के घरौंदे में यूं, रुह का कोई संगीत सजा

ख़यालों के सब काॅर्ड, आँखों में क्लिक कर ले
ख़ाहिशों की गड्डी फोर्ड, हाथों में पिक कर ले

मनमौज़ी मित्र तू, मन की कोई स्ट्रमिंग सीख ले
दिल की बातें सुन के, यादों की ट्यूनिंग सीख ले

फ्रेट के साथ फिंगर की, यारी इतनी चंगी हो
के भूलकर वो सारे ग़म, धुन ही साथी संगी हो

यार मेरे इतना सुन ले, ख़्वाब नए अब तू बुन ले
खुद की पहचान कर, दिल की अपनी तू सुन ले

दिल का ये गिटार, सीने में छुपा के रखे है तू
यारों की बात कोई, फिर से गुनगुना रे बंदे तू ।।

#RockShayar

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