किसी ने न पूछी तबीयत हमारी

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फ़साना   नहीं  है  अज़ीयत  हमारी
किसी  ने  न  पूछी  तबीयत  हमारी।

यूं’  तीमारदारी   वही   लोग  करते
कि प्यारी है’ जिनको वसीयत हमारी।।

©इरफ़ान अली ख़ान

यक़ीन मानिए कुछ लोग कभी भी सुधरते नहीं

हादसों के बाद भी, ख़ुद को वो बदलते नहीं
यक़ीन मानिए कुछ लोग कभी भी सुधरते नहीं


एहसास जब भी होता है, मालूम तब ये चलता है
के मरते तो इन्सान हैं, एहसास कभी मरते नहीं
Rockshayar Irfan Ali Khan
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https://youtu.be/nAgS0jox_T8

Naam Ali

शुक्र तेरा ऐ मौला मेरे
मेरे नाम में अली है

कहती ये क़लम मुझसे
मेहरबां तुझ पर नबी है