Grand Mushaira Jaipur

ध्यान से पंछियों को देते हो दाना-पानी इतने अच्छे हो तो पिंजरे से रिहा कर दो ना دھیان سے پنچھیوں کو دیتے ہو دانہ پانی اتنے اچھّے ہو تو پنجرے سے رہا کر دو ناں

Zubair Ali Tabish bhai

ये तो मौत में भी एक रस्म तलाशते हैं

हर शख़्स में अपना अक्स तलाशते हैं
बड़ी ख़ामोशी से लब लफ़्ज़ तलाशते हैं

ये दुनिया वाले हैं इन्हें क्या फर्क़ पड़ता हैं
ये तो मौत में भी एक रस्म तलाशते हैं