Agaastyaa Opne Mic 4.0 Jaipur

अगस्तय समूह hindiwritings.com एवं हस्ताक्षर डॉट कॉम के सयुंक्त तत्वावधान में रविवार की शाम को जयपुर में एम आई रोड स्थित द येलो हाउस कैफे में चौथे ओपन माइक का आयोजन हुआ । आयोजन में देश के विभिन्न जगहों से पधारे युवा कवि , संगीतकार एव हास्य के कलाकार सम्मिलित थे । कार्यक्रम के पहले राजकुमारी दियाकुमारी ने उनके निवास पर अगस्त्या समूह के होने वाले कार्यक्रम के पोस्टर का विमोचन कर सभी आयोजको और कलाकारों को शुभकामनाएं दी । कार्यक्रम का संचालन एंकर ऊर्जा यादव ने किया ।शुरुआत में अगस्त्या समूह के डायरेक्टर अंशुल जैन चौमहला ने अगस्त्या समूह के बारे में सभी श्रोताओं को जानकारी दी । अगस्त्या समूह के सीओओ, एवं मुख्य सयोंजक पीयूष जैन ने बताया कि जयपुर से आये रॉकशायर इरफ़ान अली ख़ान ने अब्र की आंखों से अश्क़ टपकने को है,

सुमित शर्मा ने इश्क का सिला इश्क में मिला, मनस्वी खेरोदिया ने बातो बातो में रिश्ता बदल गया, हेमंत कुमार ने धूप से दोस्ताना, चारुष खुराना ने इस देश का बेटा और भगत सिंह पर, ऋजुल चतुर्वेदी ने मेरे लिए है, काजल बासवानी ने में जब भी अपने शहर जाती हूँ हर याद ताजा हो जाती है, तौसीफ मिर्जा ने आवाज, करण सिंह ने मेरा अधूरा सफर, विनीत बियानी ने एक लड़की है, सलोनी शर्मा ने ठंडी हवा का झोंका, अक्षिता ने ठंडी हवा का झोंका, निशा कुमावत ने एक रोज में सब कुछ छोड़ कर कहीं दूर चला जाऊंगा,कल्पित मुद्गल ने मर चुका हूं, शुभम चौधरी ने बूढा-पन,ने कविता सुनाई । मीनल शर्मा ने यह झूठ है, Characterless, Love isn’t one man show और प्रखर सिंह राठौर ने शेर-ओ-शायरी से श्रोताओं के मन मोहा, वहीं हेमन्त कुमार आसीवाल ने पुलवामा और एयर स्ट्राइक पर “शहीद हो रहे पहरेदार सरहदों पर, सियासी लोग उन्हीं पर इल्ज़ाम लगाने लगे हैं” कविता प्रस्तुत की। इसी के साथ जयश्री सोनी, सम्रद्धि गोलेछा, प्रिया शर्मा , निधि शर्मा ने अंग्रेजी में अपनी प्रस्तुति देकर सभी सबको अपनी और आकर्षित किया । कार्यक्रम में आयुष, चित्रांश, कलरव मिश्रा और आशुतोष गोर ने अपनी संगीतमय प्रस्तुति देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया ।।कार्यक्रम का समापन तुषार जैन में सभी कलाकरो को धन्यवाद देकर किया ।कार्यक्रम में हिन्दीराइटिंग के संस्थापक एवं अगस्तय के लीगल हेड निरवेंद्र सिंह पंवार, हस्ताक्षर समूह के संचालक सौमित्र शर्मा, अगस्त्या समूह के मार्केटिंग हेड विपुल जेन, फाइनेंशियल हेड मनीष शर्मा, हर्षित जैन, अंशुल गोयल, येलो हाउस कैफे के हेड हर्षित जी, सहित अनेक श्रोता उपस्थित थे । कार्यक्रम के सभी वीडियो आप अगस्तय के यूट्यूब चैनल पर जल्द ही देख सकेंगे।

अब्र की आँखों से दर्द छलकने को है

अब्र की आँखों से दर्द छलकने को है
सब्र कर ऐ ज़मीं बारिश होने को है

अभी प्यास लगना लाज़िम है तुझे
बस थोड़ी देर और इफ़्तार होने को है

तैयारी रख तू पूरी अपनी, ऐ ज़ख़्म देने वाले
ज़ख़्म मेरे वो सारे अब भरने को है

उसे सोचना इतना सोचना, के हर ख़याल खरोंचना
काम एक यही तो अब करने को है

बस यही लिखा था वसीयत में शायर ने ‘इरफ़ान’
शेर सुनाओ हम अब मरने को है।

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अब तक याद है मुझे

वो मुस्कुराकर मुझे देखना तेरा
वो नज़रों से हर बात कहना तेरा
वो फूलों की तरह महकना तेरा
वो हँसी की तरह चहकना तेरा
वो आँखें तेरी, वो चेहरा तेरा
अब तक याद है मुझे, अब तक याद है मुझे।

वो बिन जताएं मुझे चाहना तेरा
मैं क्या हूँ मुझको ये बताना तेरा
हर मुश्किल में साथ निभाना तेरा
ये ज़िन्दगी जीना सिखाना तेरा
वो चाहत तेरी, इनायत तेरी
अब तक याद है मुझे, अब तक याद है मुझे.

वो जानबूझकर देर से आना तेरा
मुझे सताने का अच्छा बहाना तेरा
वो शरमाकर पलकें झुकाना तेरा
चंद लम्हे हसीं साथ बिताना तेरा
वो बातें तेरी, मुलाक़ातें तेरी
अब तक याद है मुझे, अब तक याद है मुझे।

वो दिल तोड़कर जाना तेरा
वो लौटकर फिर न आना तेरा
वो यादों से मुझे मिटाना तेरा
वो तन्हा छोड़कर जाना तेरा
वो बेरुख़ी तेरी वो बद्दुआ तेरी
अब तक याद है मुझे, अब तक याद है मुझे।

7th Birthday Of RockShayar


7th Happy Birthday of RockShayar….(02/05/2013)


छह साल हो गए हैं शायर तुझे पैदा हुए
छह साल हो गए हैं मुझे मुझसे ज़ुदा हुए


तू चट्टानों सा मज़बूत क़िला है
तुझी से मुझको ये वज़ूद मिला है
मुझे शिकायत खुद से है
तुझसे न कोई शिकवा गिला है


एक अर्सा हो चला है शायर तुझे पैदा हुए
एक अर्सा हो चला है मुझे ख़ुद से ज़ुदा हुए


तूने ही तो दर्द में सहारा दिया था
डूबती कश्ती को किनारा दिया था
साज़िशों के उस दौर में
रंज़िशों के शोर में
कायनात का मुझे इशारा दिया था


छह साल हो गए हैं शायर तुझे पैदा हुए
छह साल हो गए हैं मुझे मुझसे ज़ुदा हुए


न तू बदला न मैं बदला
बदला तो बस नज़रिया बदला
क़लम का असर कुछ यूं हुआ
लेना नहीं अब किसी से बदला


तभी तो तू रॉकशायर है
तभी तो मैं इरफ़ान हूं
साये हैं इक दूजे के हम
जिस्म मैं और जान तू


छह साल हो गए हैं शायर तुझे पैदा हुए
छह साल हो गए हैं मुझे ख़ुद से ज़ुदा हुए।


#7thHappyBirthdayofRockShayar



लुत्फ़ मिलता है उनके दर्दभरे इनाम से

वो याद भी करते है तो किसी काम से

दिल दुखाते है हमारा बड़े ही आराम से

उफ्फ तक नहीं करता है ये कैसा पागल दिल है

लुत्फ़ मिलता है शायद इसे उनके दर्दभरे इनाम से