पूरा एक महीना हो गया है तुमको देखे हुए….Miss You…

पूरा एक महीना हो गया है तुमको देखे हुए
अब तो आँखों ने भी यादों से सांठगांठ कर ली हैं
तभी तो इन दिनों ज्यादातर बहती ही रहती हैं
आजकल तो इन्हें केवल ख़्वाबों पर ही यक़ीन रह गया हैं
हक़ीक़त वाला दीदार भी तो महज एक ख़्वाब ही हो चुका है
बस इसी डर से बंद रखता हूँ मैं अपनी आँखेंं
के कहीं चला ना जाए ख़्वाब तेरा बुरा मानके
गर खुली रहेंगी ये आँखें, तो धुंधली हो जाएगी वो फोटू
दिलो दिमाग पे जिसने मेरे, किया है ऐसा खूबसूरत जादू
के अब तो हर जगह तुम ही तुम नज़र आती हो
बंजर में भी बारिश वाला वो एहसास दे जाती हो
पाकर जिसे मैं फिर से वो वाला मैं हो जाता हूँ
जीना जिसे अच्छा लगता है, हाँ बहुत ही अच्छा लगता है
महीने भर से भी ज्यादा हो गया है तुमको देखे हुए
अब तो पलकों ने भी यादों से सांठगांठ कर ली हैं
तभी तो इन दिनों ज्यादातर गीली ही रहती हैं
क्या पता इन्हीं अश्क़ों के सदक़े में तू मिल जाएं कहीं
और मैं जीने लगूं फिर से 
सोहबत में तेरी
मोहब्बत में तेरी
चाहत तू मेरी
आदत तू मेरी...

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