तुम्हारे जाने के बाद मुझको ये एहसास हुआ

तुम्हारे जाने के बाद मुझको ये एहसास हुआ
 के तुम्हें रोकने की कोशिश क्यों नहीं की मैंने

हालांकि जाते वक्त तुमने मुझे अपना पता बताया था
 लेेकिन तुम्हारा पता सुुुुनते वक्त मैं लापता हो चुका था

अब जो भी हो जानाँ, तुमसे मोहब्बत हो गई है
 तुम्हारी याद में जलना, यूं मेरी आदत हो गई है

हर वक्त तुम्हारी बातें करना, दफ्तर की नौकरी से बेहतर है
 हर घड़ी तुम्हारी आँखें पढ़ना, आईआईटी की तैयारी से बेटर है

आजकल तो इस नींद ने भी निगाहों से रिश्वत ले रखी है
 तुम्हारी तस्वीर देखे बिना ये स्लीप मोड में जाती ही नहीं

मुझे और मेरे जज़्बातों को समझने के बजाए महसूस करना
 तब तुम्हें पता चलेगा, ज़िंदगी हम पे क्यूँ मेहरबान हो रही है

गर फुर्सत मिले कभी, तो एक फोन कर देना यूंही कहीं
 कुछ बातें करनी हैं, वो जो कब से लबों पे आके ठहरी हैं

तुम्हें खोने के बाद मुझको ये एहसास हुआ
 के तुम्हें पाने की कोशिश क्यों नहीं की मैंने।
 

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