ज्योंही तुमने जाने की कहा, और मेरा यह चेहरा उतर गया

ज्योंही तुमने जाने की कहा, और मेरा यह चेहरा उतर गया
हालांकि ज्यादा कुछ हुआ नहीं, बस वक़्त वहीं पे ठहर गया

इस थोड़े से वक़्त में ही तुमने मुझे कई यादें दी हैं
याद हैं मुझे वो सब, बिन कहे जो हमने बातें की हैं

दिल ठहरा नादान, सो बिना सोचे समझे अपनी करता रहा
दिल ही दिल में चाहत पाल ली, कहने से मगर ये डरता रहा

तुम्हें तो शायद पता भी नहीं, के कितना चाहता हूँ तु्म्हें 
हर जगह नज़र आती हो, इतना ज्यादा सोचता हूँ तुम्हें

हर रोज़ दिन ढलने का इंतज़ार पसंद था मुझे
वही इंतज़ार, जिसने यूं बेक़रार किया था मुझे

तुम्हारे साथ बिताया हर एक लम्हा, पूरी सदी की तरह लगता है
अल्हड़ अलमस्त किरदार तुम्हारा, किसी नदी की तरह लगता है

हो सकता है…यह मोहब्बत मेरी एकतरफ़ा हो
मगर इतना ज़रूर कहूंगा, के तुम नेक वफ़ा हो

इतनी ख़ूबसूरत यादें देने के लिए शुक्रिया
पहली ही नज़र में अपना बनाने के लिए शुक्रिया

ज्योंही तुमने अलविदा कहा, और मेरा यह दिल टूट गया
हालांकि ज्यादा कुछ हुआ नहीं, बस यह फिर से बंजर हो गया।

 

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