“इतना प्यार करती हो मुझ से”

इतना क्यों डरती हो मुझ से,
शायद प्यार करती हो मुझ से ।

दिल में दबाकर जज़्बात अपने,
रोज इक़रार करती हो मुझ से ।

मना करती हो जिन बातों से,
वहीं हर बार करती हो मुझ से ।

आँखों में देखता हूँ जब भी,
सवाल हज़ार करती हो मुझ से ।

कुछ भी नहीं जब दरमियाँ,
फिर क्यों इज़हार करती हो मुझ से ।

खुद को भुला चुकी हो तुम,
इतना प्यार करती हो मुझ से ।

@राॅकशायर

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