For Anis Khan and Manoj Kumar Meena… PaPa banne ki mubaraqbad ho bhaiyo… For little angle..

एक मासूम फरिश्ते ने जब यूँ आँखें खोली
फिर धीरे से मुस्कुराकर ये ज़िन्दगी बोली

खुशियों की बारात लेकर, आई हूँ मैं तेरे लिए
बारिश की सौगात लेकर, आई हूँ मैं तेरे लिए

नन्ही नन्ही पलकों पर, खुदाई नूर उतर आया है
औलाद की शक्ल में अपना वज़ूद नज़र आया है

जिस रोज यह तोतली ज़बान मुझे पापा कहेगी
उस रोज ज़िन्दगी में, कमी न कोई बाक़ी रहेगी

ग़मों की वो परछाइयाँ, कोसो दूर हो गयी अब
सीने में छुपी तन्हाइयाँ, मीलों दूर हो गयी अब

बंजर था दिल का चमन, अब जाकर खिला है
बेचैनी को मेरी चैन कहीं, अब जाकर मिला है

एक मासूम फरिश्ते ने जब यूँ आँखें खोली
फिर धीरे से पास आकर ये ज़िन्दगी बोली

जीने की सौगात लेकर, आई हूँ मैं तेरे लिए
लम्हों की बारात लेकर, आई हूँ मैं तेरे लिए ।।

– Iffy Chachu

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