“वो शब्द”

पूरे का पूरा शब्दकोश छान मारा,
मगर वो शब्द कहीं नहीं मिला मुझे ।

वो शब्द जिसे मैं बरसों से ढूँढ रहा हूँ,
वो शब्द जिसे मैं सपनों में खोज रहा हूँ ।

पता नहीं वो शब्द है भी के या नहीं ?
पता नहीं वो उपलब्ध है भी के या नहीं ?

हो सकता है यह मेरे मन का कोई भ्रम हो !
या भाग्य के दृश्य का अदृश्य कोई क्रम हो !

हो सकता है यह केवल मात्र एक कल्पना हो !
या खुली आँखों में बंद अधूरा कोई सपना हो !

पता नहीं उसकी ओर यूँ हौले हौले बढ़ रहा हूँ ?
या मन ही मन फिर से कहानी कोई गढ़ रहा हूँ ?

हो सकता है यह खोई हुई कहीं कोई दिशा हो !
या कई रातों से ना जागी ना सोई हुई निशा हो !

हो सकता है यह नियमित कालरूपी चक्र हो !
या असमय कुछ समय की चाल यूँही वक्र हो !

पूरे का पूरा शब्दकोश छान मारा,
मगर वो शब्द कहीं नहीं मिला मुझे ।

वो शब्द जिसे मैं सदियों से ढूँढ रहा हूँ,
वो शब्द जिसे मैं स्वयं में खोज रहा हूँ ।

तुम्हें मिले कहीं
तो बताना मुझे
वो शब्द…

वो शब्द…
जिसके लिए
कहने को मेरे पास
कोई शब्द नहीं ।।

#RockShayar

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