“खुद से कुछ तू वादे कर ले”

खुद से कुछ तू वादे कर ले
मन ही मन इरादे कर ले
बहता जा तू चलता जा
गिरके यूँही सम्भलता जा
सहता जा तू जलता जा
साँसों में यूँही पिघलता जा
खुद से कुछ तू वादे कर ले
मन ही मन इरादे कर ले

सपनो को अपने थाम ले तू
इनको नया कोई नाम दे तू
बहता जा तू चलता जा
फिर से यूँही मचलता जा
सहता जा तू पलता जा
आहों को यूँही निगलता जा
खुद से कुछ तू वादे कर ले
मन ही मन इरादे कर ले

शर्तो पर अपनी जीना है तुझे
जख़्मों को नही अब सीना है तुझे
बहता जा तू चलता जा
गिरके यूँही सम्भलता जा
सहता जा तू जलता जा
साँसों में यूँही पिघलता जा

खुद से कुछ तू वादे कर ले
मन ही मन इरादे कर ले
बहता जा तू चलता जा
गिरके यूँही सम्भलता जा
खुद से कुछ तू वादे कर ले
मन ही मन इरादे कर ले ।।

Copyright © 2015, RockShayar 
Irfan Ali Khan 
All rights reserved.

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