“बन सरफिरा तू भी”

My new song..
ज़िंदगी है सरफिरी ये
बन सरफिरा तू भी
बहती जाये जिस तरह से
बह उस तरह तू भी
ज़िंदगी है शायरी ये
बन डायरी तू भी
लिखती जाये जिस तरह से
लिख उस तरह तू भी
ज़िंदगी है सरफिरी ये
बन सरफिरा तू भी
बहती जाये जिस तरह से
बह उस तरह तू भी…

किस्मत के झोंके चख ले
मिले जो दर्द सारे रख ले
बेवजह यहाँ कुछ नहीं है
गिर उठके रोके हँस ले
ज़िंदगी है एक परिंदा
बन आसमां तू भी
उङती जाये जिस तरह से
उङ उस तरह तू भी
ज़िंदगी है सरफिरी ये
बन सरफिरा तू भी
बहती जाये जिस तरह से
बह उस तरह तू भी…

ख़ामोशी में जवाब ढूँढ ले
थोङा नहीं बेहिसाब ढूँढ ले
ख़्वामख़ाह यहाँ कुछ नहीं है
आवारगी बेहिसाब ढूँढ ले
ज़िंदगी है एक पहेली
बन खिलाङी तू भी
चले ये बाजी जिस तरह से
चल उस तरह तू भी
ज़िंदगी है सरफिरी ये
बन सरफिरा तू भी
बहती जाये जिस तरह से
बह उस तरह तू भी…

खुदी से इश्क़ कर ले बंदे
क़रम नहीं तेरे इतने गंदे
बेवजह तो उङते नहीं है
ख़्वाबो के नादान परिंदे
ज़िंदगी है एक सफ़र
बन हमसफ़र तू भी
मुङे जब ये जिस तरह से
मुङ उस तरह तू भी
ज़िंदगी है सरफिरी ये
बन सरफिरा तू भी
बहती जाये जिस तरह से
बह उस तरह तू भी ।।

Copyright © 2015, RockShayar
Irfan Ali Khan
All rights reserved.

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