“बंदा हूँ मैं इमोशनलेस”

मेनस्ट्रीम से नियरलेस, एक्सट्रीम हूँ केयरलेस
आज़मा लो चाहे जितना, बंदा हूँ मैं इमोशनलेस

सटकने वालों की खुपङिया, तब ही सटकती है
जचा के ज़िन्दगी उन्हें, जब औंधे मुँह पटकती है

मर मर के यूँही जीना, डर डर के डर को पीना
आसां नही है इतना हाँ, सीखा है खुद से जीना

नौसिखिया जिद्दी सनकी, कहो चाहे फियरलेस
आज़मा लो चाहे जितना, बंदा हूँ मैं इमोशनलेस

बदलने वालों की किस्मत, तब ही बदलती है
धङाम से गिर के वो, जब खुद ही सम्भलती है

दर्द के दर पे राॅक करू, हर ग़म को शाॅक करू
हर दिन खुद्दारी से, खुद ही खुद को शाॅक करू

ख़्वाबों ख़्वाहिशों की, उङाऊ गड्डी गियरलेस
समझा लो चाहे जितना, बंदा हूँ मैं इमोशनलेस

मेनस्ट्रीम से नियरलेस, एक्सट्रीम हूँ केयरलेस
आज़मा लो चाहे जितना, बंदा हूँ मैं इमोशनलेस ।।

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