“वक़्त अब आ गया”

20140818_134707

अपने फ़र्ज़ को निभाने का, वक़्त अब आ गया
अधूरे क़र्ज़ वो चुकाने का, वक़्त अब आ गया

यूँ तो जी ली तूने, शफ़्फ़ाक़ इक ज़िन्दगी यहाँ
सियाह मौत को हराने का, वक़्त अब आ गया

मिटाया वो जिसने भी, तेरा नामोनिशान यहाँ
उस शख़्स को मिटाने का, वक़्त अब आ गया

सीने में दबी है जो तेरे, इक आग सदियों से यहाँ
उस आग को भड़काने का, वक़्त अब आ गया

वुज़ूद की वो अहमियत, क्यां है तेरी ‘इरफ़ान’
ज़माने को ये दिखाने का, वक़्त अब आ गया

 

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s